बिंधना

बिंधना के अर्थ :

  • स्रोत - संस्कृत

बिंधना के हरियाणवी अर्थ

अकर्मक क्रिया

  • सूई-काँटे आदि में पिरोया जाना
  • छिद्र होना
  • सीमित होना
  • जादू-टोने से प्रभावित होना
  • पेड़, पौधे, मनुष्य आदि की बढ़ोतरी रुकना
  • रसोली (माँस- ग्रंथि) छेदी जाना ताकि वह न बढ़े
  • प्रेम में आबद्ध होना, मोहित होना, 8 घिरना

अकर्मक क्रिया

  • दे. बिंधणा

विशेषण

  • जो बींधा जा सके

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