फेर

फेर के अर्थ :

फेर के हरियाणवी अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • अतिरिक्त चक्कर- सरड़क- सरड़क जाघा तै दो कोस का फेर पड़ेगा
  • खेत का वह छोटा खंड जिसे एक समय में काटना शुरू किया जाता है, (दे. बाड्ढा धरणा)
  • परिधि, घुमाव 4. भ्रम, संशय- घणा फेर मैं नाँ पडूया करैं अपणे काम लाग
  • चालबाजी- मेरे तैं फेर करकै के काड्ढैघा
  • अदल-बदल

क्रिया-विशेषण

  • पुन:, फिर से

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