टोक

टोक के अर्थ :

टोक के हरियाणवी अर्थ

संज्ञा, स्त्रीलिंग

  • रोकने-टोकने का भाव, रोक
  • नज़र लगने का भाव, बुरी दृष्टि से देखने का प्रभाव
  • निषिद्ध कार्य, वर्जित बात

सकर्मक क्रिया

  • 'टोकणा' क्रिया का आदे. रूप

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