आ के अर्थ :

  • स्रोत - संस्कृत

आ के हिंदी अर्थ

संज्ञा, स्त्रीलिंग

  • हिंदी वर्णमाला का दूसरा अक्षर जो 'अ' का दीर्घ रूप है

    उदाहरण
    . आ का प्रयोग विशेषता आदि प्रदान करने के लिए उपसर्ग के रूप में होता है।


अव्यय

  • एक अव्यय जिस का प्रयोग सीमा, अभिव्यत्कि, ईषत् और अतिक्रमण के अर्थों में होता है

    उदाहरण
    . अतिक्रमण— आकालिक = बेमौसम का। . ईषत् (थोड़ा, कुछ)— आपिंगल = कुछ कुछ पीला, आकृष्ण = कुछ काल। . अभिव्याप्ति— आपाताल = पाताल के अंतमार्ग तक, आजीवन- जीवन भर। . सीमा— आसमुद्र = समुद्र तक, आमरण =मरण तक, आजानुबाहु = जानु तक लंबी बाहुवाल, आजन्म = जन्म से।


संज्ञा, उपसर्ग

  • आ पूर्व प्रत्यय के रूप में प्रयुक्त होने वाला वर्ण जो शब्दों के साथ संयुक्त होकर निम्नलिखित विशिष्टताएँ उत्पन्न करता है- (अ) 'तक' या 'पर्यंत', जैसे— आक्षितिज, आकंठ आदि (ब) 'आदि' से'अंत' तक, जैसे— आमरण, आजन्म आदि (स) 'अधिक', 'लगभग' आदि का सूचक, जैसे— आरोहण, आभूषण, आभार आदि
  • कुछ शब्दों में विपरीत होने का अर्थबोधक बनता है, जैसे— आरोग्य, आगमन आदि
  • प्रत्यय के रूप में 'युक्त' और 'वाला' का अर्थ देता है, जैसे— दोमंज़िला, दोमुँहाँ आदि
  • प्रत्यय जो विशेषण तथा संज्ञा के रूप में लगकर स्त्रीलिंग रूप बनाता है, जैसे— शिष्य से शिष्या, कमल से कमला आदि

संज्ञा, पुल्लिंग

  • ब्रह्मा, पितामह

आ के अँग्रेज़ी अर्थ

Noun, Prefix

  • (Imperative verb intended for youngers or juniors, etc.) come, come on, come forth

आ के अंगिका अर्थ

प्रत्यय

  • आ पूर्व प्रत्यय के रूप में प्रयुक्त होने वाला वर्ण जो शब्दों के साथ संयुक्त होकर निम्नलिखित विशिष्टताएँ उत्पन्न करता है- (अ) 'तक' या 'पर्यंत', जैसे— आक्षितिज, आकंठ आदि (ब) 'आदि' से 'अंत' तक, जैसे— आमरण, आजन्म आदि

  • हिंदी वर्णमाला का दूसरा स्वर वर्ण जो अ का दीर्घ रूप है

संज्ञा, स्त्रीलिंग

  • बच्चों को पुकारे या बुलाने का शब्द

आ के कन्नौजी अर्थ

  • देवनागरी वर्णमाला का दूसरा (स्वर) वर्ण और ‘अ’ का दीर्घ रूप

आ के कुमाउँनी अर्थ

संज्ञा, स्त्रीलिंग

  • देवनारी वर्णमाला का दूसरा (स्वर) वर्ण, उच्चारण के लिए विवृत पश्च स्वर

सकर्मक क्रिया

  • आना, आने के लिए आदेशात्मक शब्द

आ के गढ़वाली अर्थ

अव्यय

  • देवनागरी वर्णमाला का दूसरा स्वर वर्ण

सकर्मक क्रिया

  • बुलाने का आदेश, आने का निर्देश, आना क्रिया का आदेशात्मक (रूप)

Inexhaustible

  • the second vowel of Devanagari alphabet

Transitive verb

  • imperative form of come

आ के बज्जिका अर्थ

अव्यय

  • और

आ के बुंदेली अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • हिंदी वर्णमाला देवनागरी लिपि का दूसरा स्वर वर्ण, यह अ का दीर्घ रूप है, अ. स्वीकार, अनुकम्पा, दया, वाक्य समुच्चय, अल्प, सीमा, हद्द, व्याप्ति और अतिक्रमण आदि अर्थ-सूचक अव्यय शब्द, (उपसर्ग) क्रिया से पूर्व प्रयुक्त होने पर-पास, ओर, चारों ओर, आदि अर्थो को प्रकट करता है, गत्यर्थक धातुओं से पूर्व प्रयुक्त होने पर धात्वर्थ को उलट देता है जैसे— गमन, देना, लेना इत्यादि
  • पितामह, शिव आदि

आ के ब्रज अर्थ

विशेषण

  • अनमना, बीमार, रोगी

    उदाहरण
    . आगु अनरसेहि भोर के पय पियत न नीके ।


संज्ञा, पुल्लिंग

  • देवनागरी वर्णमाला का द्वितीय स्वर

सकर्मक क्रिया

  • बार-बार पलक गिराना

अकर्मक क्रिया

  • आना

आ के मगही अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • 'अ' के बाद का स्वर वर्ण, 'आ', दीर्घ अ

विशेषण

  • अन्य, दूसरा

क्रिया-विशेषण

  • और, आउ, आउर, या, अथवा

आ के मैथिली अर्थ

  • वर्णमाला का दूसरा अक्षर

पूर्वसर्ग

  • सीमा और विस्तार सूचक उपपद, —आजीवन, आमरण, मरणपर्यंत

समुच्चयबोधक

  • और
  • 2nd letter of alphabet.

Preposition

  • Denotes limit and span

    उदाहरण
    . आजीवन


Conjunction

  • and

आ के हरियाणवी अर्थ

  • हिंदी वर्णमाला का दूसरा स्वर, इसका उच्चारण स्थान कंठ है

अकर्मक क्रिया

  • आओ, 'आणा' क्रिया का आदेशात्मक रूप

सर्वनाम

  • यह (स्त्री)

सर्वनाम

  • वह। दे. वा

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