अश्वमेध

अश्वमेध के अर्थ :

  • स्रोत - संस्कृत

अश्वमेध के हिंदी अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • एक बड़ा यज्ञ

    विशेष
    . इसमें घोड़े के मस्तक पर जयपत्र बाँधकर उसे भूमंडल में घूमने के लिए छोड़ देते थे। उसकी रक्षा के निमित्त किसी वीर पुरुष को नियुक्त कर देते थे जो सेना लेकर उसके पीछे पीछे चलता था। जिस किसी राजा को अश्वमेध करने वाले का अधिपत्य स्वीकृत नहीं होता था, वह उस घोड़े को बाँध लेता और सेना से युद्ध करता था। अश्व बाँधने वाले को पराजित कर तथा घोड़े को छुड़ाकर सेना आगे बढ़ती थी। इस प्रकार वह घोड़ा संपूर्ण भूमंडल में घूमकर लौटता था, तब उसको मारकर उसकी चर्बी से हवन किया जाता था। यह यज्ञ केवल बड़े प्रतापी राजा करते थे। यह यज्ञ साल भर में होता था।

  • (संगीत) एक प्रकार की तान जिसमें षड्ज स्वर को छोड़कर शेष छह स्वर लगते हैं

अश्वमेध के मैथिली अर्थ

अश्वमेध।

संज्ञा

  • एक यज्ञ

Noun

  • horse-sacrifice.

अश्वमेध के हरियाणवी अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • एक प्रकार का यज्ञ

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