ओ के अर्थ :

  • स्रोत - संस्कृत

ओ के हिंदी अर्थ

  • संस्कृत वर्णमाला का तेरहवाँ और हिंदी वर्णमाला का दसवाँ स्वर वर्ण, इसका उच्चारणस्थान ओष्ठ और कंठ है, इसके उदात्त, अनुदात्त, स्वरित तथा सानुनासिक और अननुनासिक भेद होते हैं, संधि में अ+उ=औ होता है

अव्यय

  • एक संबोधनसूचक शब्द, जैसे,— ओ लडके इधर आओ
  • संयोजक शब्द, ओर
  • विस्मय या आश्चर्यसूचक शब्द, ओह
  • एक स्मरणसूचक शब्द, जैसे,—ओ हाँ ठीक है, आप एक बार हमारे यहाँ आए थे

ओ के अँग्रेज़ी अर्थ

ओ के ब्रज अर्थ

अव

ओ के मैथिली अर्थ

अव

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