काकड़ा

काकड़ा के अर्थ :

काकड़ा के हिंदी अर्थ

संस्कृत ; संज्ञा, पुल्लिंग

  • एक बड़ा पेड़ जो सुलेमान पहाड़ तथा हिमालय पर कुमाऊँ आदि स्थानों में होता है

    विशेष
    . जाड़े में इसके पत्ते झड़ जाते हैं। इसकी कड़ी लकड़ी पीलापन लिए हुए भूरे रंग की होती है और कुर्सी, मेज, पलंग आदि बनाने के काम में आती है। इसपर खुदाई का काम भी अच्छा होता है। पत्ते चौपायों को खिलाए जाते हैं। इसमें सींग के आकार के पोले बाँदे लगते हैं जिन्हें 'काकड़ासींगी' कहते हैं।


देशज ; संज्ञा, पुल्लिंग

  • एक प्रकार का हिरन जिसे साँभर या साबर भी कहते हैं

काकड़ा के हरियाणवी अर्थ

काकड़ा

संज्ञा, पुल्लिंग

  • झड़बेरी या बड़बेरी का गुठली वाला एक फल, बेर - काळ -काकड़ा अर समय पील (अधिक बेर लगना अकाल का और अधिक पीलू लगना सुभिक्ष का लक्षण माना जाता है)
  • ओला, हिमोपल-इतणे मोट्टे काकड़े पड़े अक सारी खेत्ती छाण मारी
  • कंकर
  • टैंट
  • बिनौला

संज्ञा, पुल्लिंग

  • दे. बिंदोळा
  • दे. काकड़ा

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