muu.nj meaning in hindi
मूँज के हिंदी अर्थ
संज्ञा, पुल्लिंग
- मूँज नाम की घास
- धारा नगरी का राजा जो भोज का चाचा और अपभ्रंश का कवि था
संज्ञा, स्त्रीलिंग
-
एक प्रकार का तृण, सरकंडे का पौधा
विशेष
. इसमें डंठल या टहनियाँ नहीं होती; जड़ से बहुत ही पतली (जौ भर से कम चौड़ी) दो-दो हाथ लंबी पत्तियाँ चारों ओर निकली रहती हैं। ये पत्तियाँ बहुत घनी निकलती हैं। जिससे पौधा बहुत-सा स्थान घेरता है पत्तियों के मध्य में एक सूत्र यहाँ से वहाँ तक रहता है। पौधे के बीचोबीच से एक सीधा कांड पतली छड़ के रूप में ऊपर निकलता है जिसके सिरे पर मंजरी या धूए के रूप में फूल लगते हैं। सरकंडे से इसमें यह भेद होता है कि इसमें गाँठ नहीं होती और छाल बड़ी चमकीली तथा चिकनी होती है। सींक से यह छाल उतारकर बहुत सुंदर-सुंदर डलियाँ बुनी जाती हैं। मूँज प्रायः ऊँचे ढालुएँ स्थानों पर बग़ीचे की बाढ़ीं या ऊँची मेंड़ों पर लगाई जाती है। मूँज बहुत पवित्र मानी जाती है। ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार के समय वटु को मुंजमेखला (मूँज को करवनी) पहनाने का विधान है।उदाहरण
. जैसे, सोने की सिकड़ी में लोहे की घंटी और दरियाई की अँगिया में मूँज की बखिया। . इस सड़क के किनारे जगह-जगह मूँज उगी हुई है। - सरकंडों का छिलका जिससें रस्सी तैयार की जाती है और जिसका उपयोग चारपाई बुनने के लिए किया जाता है
मूँज के पर्यायवाची शब्द
संपूर्ण देखिएमूँज के तुकांत शब्द
संपूर्ण देखिएमूँज के अँग्रेज़ी अर्थ
Noun, Feminine
- a kind of long reed used for making ropes etc
मूँज के कन्नौजी अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- एक तृण जिसके छिलके बान बटे जाते हैं
मूँज के कुमाउँनी अर्थ
मुँज
संज्ञा, पुल्लिंग
- मूँज नामक घास या उसके रेशे
- एक तृण जिसके छिलके की बान बँटते हैं और उपनयन के समय ब्रह्मचारी को जिसकी मेखला पहनाते हैं, सिलवट, झोल
मूँज के बुंदेली अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- काँस की जाति की एक घास जिससे खटिया बुनने की रस्सी बनती है
मूँज के ब्रज अर्थ
संज्ञा, पुल्लिंग
- तृण विशेष
- एक प्रकार की घास
मूँज के मगही अर्थ
संज्ञा
- कुश जाति की एक लंबी घास, जिसके छिलके से रस्सी आदि बनाते हैं, उपनयन के पहले इसी का बना जनेऊ पहनाया जाता है
मूँज के मैथिली अर्थ
मुञ्ज
संज्ञा
- एक खढ़ जकर कोमल पातक डोरी बाटल जाइत अछि
Noun
- a reed known for its fibrous leaves used in twining rope; Saccharuns Sara.
मूँज के मालवी अर्थ
मुंज
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- मूँज नामक घास, मूँज की रस्सी
- धार का राजा मुँजराज
संज्ञा, पुल्लिंग
- मैं ही
मूँज के हरियाणवी अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- एक प्रकार की लंबी-ऊँची-नुकीली घास (झेंड) जो रेतीली भूमि में उगती है और जिसे कूटकर रस्सी बाँट ली जाती है
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