pa meaning in hindi
प के हिंदी अर्थ
- हिंदी वर्णमाला में स्पर्श व्यंजनों के अंतिम वर्ग का पहला वर्ग, इसका उच्चारण ओठ से होता है इसलिए शिक्षा में इसे ओष्ठ्य वर्ण कहा गया हे, इसके उच्चारण में दोनों ओठ मिलते हैं इसलिए यह स्पर्श वर्ण है, इसके उच्चारण में शिक्षा के अनुसार विचार, श्वास, घोष और अल्पप्राण नामक प्रयत्न लगते हैं
विशेषण
- पीनेवाला, जैसे— द्विप, अनेकप, मद्यप
- रक्षा या शासन करनेवाला, जैसे— क्षितिप, नृप
संज्ञा, पुल्लिंग
- वायु, हवा
- पत्ता
- अंडा
- पीने की क्रिया
- सात स्वरों में से पाँचवाँ स्वर जो कोकिल के स्वर के अनुरूप माना जाता है
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- दूध पिलानेवाली गाय
विशेषण
- रक्षा करनेवाला, त्राता, पालक
प के अँग्रेज़ी अर्थ
- the first letter of the fifth and ultimate pentad (i.e. पवर्ग) of the Devna:gri: alphabet
- a Sanskrit suffix meaning drinking/one who drinks (as मद्यप)
- guarding, protecting (as गोप)
- ruling (as नृप)
- (in music) the fifth note of the gamut
प के अंगिका अर्थ
पः
- ई अंगिका वर्णमाला में सपर्श व्यंजन केरों इक्कीसवाँ वर्ण आरू पवर्ग केरों पैहलों वर्ण छेकय, ऐकरों उच्चारण ओठ छै
प के कन्नौजी अर्थ
- देवनागरी वर्णमाला में ‘प' वर्ग का प्रथम वर्ण, उच्चारण स्थान ओष्ठ
प के गढ़वाली अर्थ
- देवनागरी वर्णमाला का इक्कीसवाँ व्यंजन वर्ण
- the twenty first consonant of Devanagari alphabet.
प के बुंदेली अर्थ
- हिंदी वर्णमाला देवनागरी लिपि के प वर्ग का प्रथम वर्ण, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ्य है
प के भोजपुरी अर्थ
विशेषण
-
ऊपर, पर
उदाहरण
. ताखा पदीया बा।
Adjective
- above, on over.
प के मैथिली अर्थ
- वर्णमाला का इक्कीसवाँ व्यंजन
- देखिए : 'पओ'
- 21st consonant of alphabet.
प के मालवी अर्थ
- पवर्ग का अक्षर
प के हरियाणवी अर्थ
- हिंदी वर्णमाला में स्पर्श व्यंजनों के अंतिम वर्ग का पहला वर्ण, इसका मुखिया, उच्चारण ओष्ठ है, हरियाणवी में इसका उच्चारण कुछ 'पै', 'पअ' की तरह होता है
अव्यय
- दे. पै
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