ड के अर्थ :

ड के हिंदी अर्थ

  • व्यंजनों में तेरहवाँ व्यंजन और ट वर्ग का तीसरा वर्ण, इसका उच्चारण आभ्यंतर प्रयत्न द्वारा तथा जिह्वामध्य को मूर्धा में स्पर्श करने से होता है

    उदाहरण
    . ड का उच्चारण मूर्द्धा से होता है तथा इसके दो रूप और उच्चारण हैं जैसे ड और ड़।


संस्कृत ; संज्ञा, पुल्लिंग

  • ध्वनि, शब्द
  • नागाड़ा
  • बड़वाग्नि
  • भय
  • शिव

ड के अँग्रेज़ी अर्थ

  • the third letter of the third pentad (i.e. टवर्ग) of the Devna:gri: alphabet

ड के अंगिका अर्थ

  • ई अंगिका वर्णमाला केरों तेरहवाँ व्यंजन वर्ण तथा टवर्ग का तेसरों वर्ण छैकय, ऐकरों उच्चारण स्थान मूर्धा छेकय

संज्ञा, पुल्लिंग

  • भय
  • एक तरह का नगाड़ी
  • बड़वाग्रि

ड के कन्नौजी अर्थ

  • देवनागरी वर्णमाला में 'ट' वर्ग का तीसरा वर्ण, जिसका उच्चारण मूर्धा से होता है

ड के गढ़वाली अर्थ

  • देवनागरी वर्णमाला का तेरहवाँ व्यंजन वर्ण

  • the thirteenth consonant of Devanagari alphabet.

ड के बुंदेली अर्थ

हिंदी

  • वर्णमाला देवनागरी लिपि का ट वर्ग का तृतीय व्यंजन वर्ण, इसका उच्चारण स्थान मूर्द्धा है

ड के ब्रज अर्थ

  • नागरी वर्णमाला में ट वर्ग का तीसरा व्यंजन

संज्ञा, पुल्लिंग

  • शब्द
  • बड़वानल
  • महादेव
  • एक प्रकार का नगाड़ा
  • डर

ड के मैथिली अर्थ

  • वर्णमाला का तेरहवाँ व्यंजन

  • consonant of alphabet.

ड के मालवी अर्थ

  • वर्णमाला में ट वर्ग का व्यंजन

ड के हरियाणवी अर्थ

  • हिंदी वर्णमाला का तेरहवाँ व्यंजन और टवर्ग का तीसरा वर्ण, इसका उच्चारण स्थान मूर्द्धा है, हरियाणवी में इसका उच्चारण मूर्द्धा और तालु के बीच का है

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