Synonyms of mukti
मुक्ति के पर्यायवाची शब्द
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अंत
अन्यत्र , दूसरी जगह
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अंतर्धान
लोप, अदर्शन, छिपाव, तिरोधान
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अद्वैत
एकाकी , अकेला
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अधिरोहिणी
सीढ़ी, निसेनी, ज़ीना, ऊपर चढ़ने या उतरने के लिए स्थिर रूप से बनाया गया वह स्थान जिस पर एक के बाद एक पैर रखने का स्थान होता है
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अपवर्ग
मोक्ष
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अमरपद
मुक्ति
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अमृत
वह वस्तु जिसके पीने से जीव अमर हो जाता है, पुराणनुसार समुद्रमंथन से निकले १४ रन्तों में से एक, सुधा, पीयूष, निर्जर
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अमृतत्व
मरण का अभाव, न मरना, अमर होने की अवस्था या भाव, अमरत्व, अमरता
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अवशिष्ट
जो बाकी या शेष बचा बो० ५/१८ हो
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अवसर्ग
मुक्ति, छोड़ देना, छुटकारा
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उद्धार
मुक्ति, छुटकारा, निस्तार, सुधार तो केसे हो उद्धार। मा. वे. 84)
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उपराम
विरक्ति , वैराग्य
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उपसंहार
समापन
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उपाय
वह कार्य या प्रयत्न जिससे अभीष्ट तक पहुँचा जाए, पास पहुँचना, निकट आना
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ऋत
उंछवृत्ति
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कपट
छल, छिपाव, धोखा
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कल्याण
मंगल , शुभ , भलाई
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कैवल्य
निर्लिप्त या विशुद्ध होने का भाव, अनासक्ति भाव, निर्लिप्तता, शुद्धता
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गति
एक स्थान से दूसरे स्थान पर क्रमश; जाने की क्रिया, निंरतर स्थानत्याग की परंपरा , चाल , गमन , जैसे—वह बड़ी मंद गति से जा रहा है
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चलना
एक स्थान से दूसरे स्थान को जाना, गमन करना, प्रस्थान करना, विदा होना, गतिशील होना
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चाल
चल, चलने की क्रिया या गति, चलने का ढंग, आचरण, व्यवहार-बर्ताव, रीति, युक्ति, परिपाटी, छल-कपट, धूर्तता, तरकीब, शतरंज, ताश या चोसर आदि की चाल, चाल-चलन, ढंग, तर्ज।
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छल
धोखा
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छुटकारा
मुक्ति
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ज़ीना
सीढ़ी, सोपान
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त्याग
किसी पदार्थ पर से अपना स्वत्व हटा लेने अथवा उसे अपने पास से अलग करने की क्रिया, उत्सर्ग, क्रि॰ प्र॰—करना
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त्राण
किसी को संकट से मुक्त करने की क्रिया, रक्षा , बचाव , हिफ़ाज़त, परित्राण
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दान
पात्र, आधार, रखने की वस्तु, समा- सांत में, जैसे कलमदान
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धर्म
किसी व्यक्ति के लिए निश्चित किया गया कार्य-व्यापार; कर्तव्य
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धूर्तता
माया, चालबाज़ी, वंचकता, ठगपना, चालाकी, कुटिल होने की अवस्था या भाव
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नसैनी
नसैनी , सोढ़ी
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निबेड़ा
छुटकारा, मुक्ति
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निर्गम
निकास, निकलने का मार्ग
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निर्णय
फ़ैसला
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निर्वाण
(दीपक, अग्नि आदि) बुझा हुआ
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निवृत्ति
मुक्ति, छुटकारा
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निष्क्रमण
बाहर निकलना
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निस्तार
कल्याण, बेड़ा पार होने का भाव- राम भज, निस्तार हो ज्यागा
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निस्सारण
निकालने अथवा बाहर करने की क्रिया या भाव; (डिस्चार्ज)
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परमपद
सबसे श्रेष्ठ पद, सर्वोच्च स्थान
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परमफल
सबसे उत्तम फल या परिणाम
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परमानंद
बहुत बड़ा सुख, ब्रह्म के अनुभव का सुख, ब्रह्मानंद
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परित्याग
त्यागने का भाव, त्याग
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परित्राण
उद्धार, संकटसँ मोचन
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पुण्य
शुभ कार्य, पुण्य कर्म, भलाई का काम |
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पूर्णता
पूर्ण होने का भाव
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पौड़ी
ऊपर चढ़ने या उतरने के लिए बने साधनों में पैर रखने के लिए बना प्रत्येक स्थान
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प्रकृति
किसी पदार्थ या प्राणी का वह विशिष्ट भौतिक सारभूत तथा सहज व स्वाभाविक गुण जो उसके स्वरूप के मूल में होता है और जिसमें कभी कोई परिवर्तन नहीं होता, मूल या प्रधान गुण जो सदा बना रहे, तासीर
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प्रभाव
दे० 'प्रभाव'
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प्रस्थान
गमन, कूच
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प्रियतर
अत्यंत प्रिय
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