Synonyms of jyoti
ज्योति के पर्यायवाची शब्द
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अंगति
अग्निहोत्री
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अंबरमणि
आकाश के मणि अर्थात सूर्य, प्रभाकर
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अंबरीष
वह मिट्टी का बरतन जिसमें लोग गर्म बालू डालकर दाना भूनते हैं, भाड़
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अंबुजाक्ष
विष्णु
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अंशु
किरण , प्रभा
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अंशुमाली
सूर्य
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अच्युत
च्युत न होने वाला , स्थिर , नित्य , अमर , अविनाशी
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अतिदेव
श्रेष्ठ या देवता अर्थात् विष्णु, शिव
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अदितिसुत
दक्ष की कन्या के गर्भ से उत्पन्न ३३ देवता
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अधोक्षज
विष्णु का एक नाम, कृष्ण का एक नाम
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अनंत
विष्णु
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अन्न
खाद्य पदार्थ
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अमृततप
स्वर्ग आदि में रहने वाले वे अमर प्राणी जो पूज्य माने जाते हैं
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अयुग्मवाह
हमारे सौर जगत का वह सबसे बड़ा और ज्वलंत तारा जिससे सब ग्रहों को गर्मी और प्रकाश मिलता है
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अरचि
ज्योति, दीप्ति, आभा, प्रकाश, तेज, चमक
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अरणि
सूर्य
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अरणी
सूर्य
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अरविंदनयन
कमलनयन, विष्णु
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अरविंदबंधु
हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित एक देवता
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अरुण
लाल रंग का, लाल, रक्त
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अर्क
सूर्य
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अर्णव
समुद्र
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अर्यमा
सूर्य
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अवरव्रत
सूर्य
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अवि
हमारे सौर जगत का वह सबसे बड़ा और ज्वलंत तारा जिससे सब ग्रहों को गर्मी और प्रकाश मिलता है, सूर्य
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असुर
दैत्य , दानव , राक्षस
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अस्र
कोना
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अह
दे. आहः
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अहि
सर्प , साँप
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आकाशचारी
(पक्षी, ग्रह आदि) आकाश में चलने-फिरने वाला, आकाशगामी
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आतपी
सूर्य
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आत्मयोनि
ब्रह्मा
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आदित्य
अदिति के पुत्र सूर्य
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आफ़ताब
हमारे सौर जगत का वह सबसे बड़ा और ज्वलंत तारा जिससे सब ग्रहों को गर्मी और प्रकाश मिलता है, सूर्य, सूरज
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आभा
चमक-दमक
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आलोक
देखना, अवलोकन करना
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ईशान
स्वामी, अधिति, प्रभु
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उक्षा
सूर्य, बैल
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उग्र
प्रचंड, उत्कट
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उजाला
प्रकाश
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उजास
वह शक्ति या तत्व जिसके योग से वस्तुओं आदि का रूप आँख को दिखाई देता है, एक तरह का प्रकाश, चमका , प्रकाश , उजाला , उ—पिंजर प्रेम प्रकासिया अंतर भया उजास, सुख करि सूती महल में बानी फूटी बास , कबीर (शब्द॰), (ख) पत्रा ही तिथि पाइए वा घर कै चहुँ पास, नित प्रति पूनोई रहै आनन औप उजास , —बिहारी र॰, दो॰ ७३ , क्रि॰ प्र॰— पाना = झलक मिलना
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उजियाला
'उजाला'
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उपेंद्र
इन्द्र के लघु भ्राता का नाम
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उष्णक
एक वैदिक छंद
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ऋतु
दे. रुत
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एकचक्र
सूर्य का रथ (जिसमें एक ही पहिया माना गया है)
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एकपात
अकस्मात् या अचानक होने वाला
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ओज
विषम, अयुग्म
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क
हिंदी वर्णमाला का पहला व्यंजन, जो भाषा-विज्ञान और व्याकरण की दृष्टि से कंठ्य, स्पर्शी, अल्पप्राण तथा अघोष माना गया है, हिंदी वर्णमाला का पहला व्यंजन वर्ण जिसका उच्चारण कंठ से होता है, इसे स्पर्श वर्ण भई कहते हैं, ख, ग, घ और ङ इसके सवर्ण हैं
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कंसाराति
श्रीकृष्ण
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